भारत में लोगों के शराब पीने की पसंद में काफी विविधता है। किसको क्या पीना पसंद है ज्यादातर यह क्षेत्र, सामाजिक स्थिति और व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। हालांकि कुछ सामान्य रुझान हैं। कुछ लोगों का मानना है कि भारत में सबसे लोकप्रिय मादक पेय बीयर है। इसकी कई वजहें हैं। जैसे: बीयर को सामाजिक तौर पर स्वीकृति मिली हुई है क्योंकि बीयर अन्य स्पिरिट्स की तुलना में कम नशा करती है। इसके अलावा बीयर विभिन्न स्वादों और अल्कोकल परसेंटेज में उपलब्ध है, जिससे यह सभी के लिए उपयुक्त होती है।
शहरी इलाकों में व्हिस्की और रम की लोकप्रियता भी बढ़ रही है। इनको बीयर के मुकाबले हार्ड ड्रिंक माना जाता है। पिछले कुछ सालों में वोदका पीने वालों की संख्या भी बढ़ी है, खासकर युवाओं के बीच। अगर सामाजिक स्थिति को पैमाना बनाया जाए, तो उच्च आय वाले लोग आमतौर पर अधिक महंगे स्पिरिट्स पसंद करते हैं, जबकि निम्न आय वाले लोग बीयर या अन्य पारंपरिक पेय पसंद करते हैं। क्या पीना है, कुछ लोग यह स्वाद के आधार पर तय करते हैं जबकि काफी लोगों की पसंद सामाजिक दबाव या फैशन के आधार पर तय होती है।
2024 में 6.21 अरब लीटर की खपत
अगर आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो भारत में शराब की खपत 2024 तक 6.21 अरब लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। जिसमें व्हिस्की, वोदका, बीयर और रम सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभर रहे हैं। इससे शराब कंपनियों को 55,840 मिलियन डॉलर की कमाई होने का अनुमान है। जीक्यू इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़े Statistica और Future Market Insights द्वारा इकट्ठा किए गए हैं। अगर इस बढ़ोतरी की तुलना 2020 के आंकड़ों से की जाए, तो यह महत्वपूर्ण है। उस साल देशभर में लगभग 5 अरब लीटर शराब की खपत हुई थी।
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प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल लैंसेट द्वारा 2022 में किए गए एक अध्ययन में पिछले तीन दशकों में भारत में शराब की खपत में वृद्धि की पुष्टि की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 40-64 वर्ष के पुरुषों में शराब की खपत सबसे अधिक पायी गई, इसके बाद 15-39 वर्ष के आयु वर्ग के लोग आते हैं। इस वृद्धि का कारण कई चीजों को माना जा सकता है। जैसे कि लोगों की बढ़ती आय, बढ़ती शहरी आबादी और लोकप्रिय शराबों के हल्के और फ्लेवर्ड वेरिएंटस का आना जिसने स्वाभाविक रूप से एक बड़े वर्ग को आकर्षित किया है।
सबसे बड़ा स्कॉच व्हिस्की बाजार
भारत एक व्हिस्की प्रेमी देश है और मौजूदा समय में मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा स्कॉच व्हिस्की बाजार है। मनीकंट्रोल के अनुसार, 2024 के पहले छह महीनों में भारत के व्हिस्की निर्यात में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 78.5 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसमें से ब्लेंडेड व्हिस्की, जो कुल निर्यात का आधा हिस्सा है, में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि प्रीमियम व्हिस्की का निर्यात लगभग दोगुना होकर 6.3 मिलियन डॉलर का हो गया
व्हिस्की है भारत में सबसे लोकप्रिय
सभी शराबों की लोकप्रियता के बावजूद, व्हिस्की ने सबसे अधिक तारीफ बटोरी है। 2024 तक, व्हिस्की भारत में सबसे लोकप्रिय शराब के रूप में उभरी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कुल शराब खपत का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा व्हिस्की का है। शहरी मध्यम वर्ग की बदलती प्राथमिकताएं और अधिक आय घरेलू व्हिस्की बाजार के बढ़ने का मुख्य कारण हैं। इसके साथ ही, भारत में बनी व्हिस्की की मांग भी बढ़ रही है। ये घरेलू ब्रांड धीरे-धीरे ग्लोबल मार्केट में अपनी पहचान बना रहे हैं। इस धारणा को इंद्री, रामपुर, गोडावन और अन्य ब्रांडों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्पिरिट्स प्रतियोगिताओं में जीते गए कई पुरस्कारों ने मजबूत किया है।
4.61 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा व्हिस्की बाजार
2023 में भारत का व्हिस्की बाजार 21.13 बिलियन डॉलर का था। 2024 से 2030 के बीच 4.61 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर इसके 2030 तक 28.97 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके विपरीत, भारतीय वोदका बाजार 2023 से 2029 के बीच 9.34 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 2,478.06 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है, जोकि काफी कम है। अन्य उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार घरेलू रम बाजार 2030 तक 1.1 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 2023 से 2030 के बीच 5.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर होगी। इन आंकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि व्हिस्की भारत में सबसे लोकप्रिय शराब है

