मुख्यतः व्हिस्की पीने वाले भारतीय अब वाइन और अन्य स्पिरिट की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रीमियमाइजेशन की ओर बाजार बढ़ रहा है। मोएट हेनेसी इंडिया की एमडी इप्सिता दास ने टीओआई को बताया कि एक बार जब यूके और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर हो जायेगा, तो विदेशी शराब पर शुल्क संरचना भारत में इसे और अधिक किफायती बना देगी, जिससे मांग में और तेजी आएगी।
भारतीय पहले ‘व्हिस्की ऑन द रॉक्स’ या सिर्फ ‘जिन’ और ‘टॉनिक’ पीते थे। अब यहाँ पीने का तरीका बदल रहा है। वाइन और स्पिरिट आज बहुत ज़्यादा मुख्यधारा में आ गए हैं। प्रीमियमाइजेशन यहाँ पर बढ़ते रहने वाला है। उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए फायदेमंद है जैसाकि मोएट हेनेसी इस सेगमेंट में विशुद्ध रूप से एकमात्र लक्जरी कारोबारी है और प्रीमियमाइजेशन ने पिछले तीन सालों में हमें बढ़ावा दिया है। छोटे पैमाने पर, हमने टकीला को भी लोकप्रियता हासिल करते देखा है। उन्होंने बताया कि भारत में उच्च करों के कारण ऊंची कीमतें विदेशी शराब कंपनियों के लिए एक मुद्दा बनी हुई हैं। भारत में वाइन और स्पिरिट्स एक बहुत ही जटिल विषय है। यह राज्य का विषय है और जीएसटी के अंतर्गत नहीं आता है। हर राज्य के अपने नियम और नीतियां हैं जो बदलती रहती हैं। यह स्पष्ट रूप से इस क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी की कमी को बढ़ाता है।
उन्होंने कहा, ‘जब शुल्क की बात आती है, तो भारत 150 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाता है जो दुनिया में सबसे अधिक है। फिर राज्य कर हैं, जो राज्य-दर-राज्य अलग-अलग हैं। कराधान उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल पैदा करते हैं। वे यूरोप में 45 यूरो में मोएट एंड चांडन की एक बोतल खरीदते हैं लेकिन भारत में इसकी कीमत 100 यूरो है, जोकि 10 प्रतिशत अधिक या कम हो सकती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस राज्य में पी रहे हैं।’ भारतीय उपभोक्ता अब बहुत यात्रा करते हैं. इस कारण कंपनियों को अधिक शुल्क और करों के बावजूद अपेक्षाएँ करना आसान है। दास ने कहा कि ब्रिटेन के साथ एफटीए पर बहुत सक्रिय बातचीत चल रही है। हमें उम्मीद है कि समय के साथ एफटीए से भारत में कुछ छूट मिल सकेगी। इससे खपत में वाकई बढ़ोत्तरी हो सकती है। भारतीय व्हिस्की की तरह, भारत में बनी वाइन भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। मोएट हेनेसी इंडिया यहां चैनडॉन के नाम से स्टिल और स्पार्कलिंग वाइन दोनों बनाती है। दास ने बताया कि हमारी भारतीय वाइन बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
Social Media Influences Bar Visits and Drink Choices in India, NielsenIQ Report Finds
United Spirits Popular Liquor Sales Decline 22.7% to ₹181 Crore in Q2 FY27 Amid Excise Policy Changes
