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मौजूदा वित्तीय वर्ष में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व की कमी आई है। वित्त विभाग के 10 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 2.09 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान के मुकाबले अब तक 1.54 लाख करोड़ रुपये का राजस्व (टैक्स) जुटाया है। वित्तीय वर्ष खत्म होने में केवल डेढ़ महीना बचा है और सरकार के सामने 53,000 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की बड़ी चुनौती है, जिसे वित्त विभाग के अधिकारी लगभग नामुमकिन मान रहे हैं।
वित्त विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “यह एक कठिन काम है, लेकिन हम बजट के लक्ष्यों को पार नहीं तो कम से कम उन्हें पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।”
आबकारी (शराब) से होने वाली कमाई को छोड़कर, राजस्व जुटाने वाले बाकी तीनों विभाग— कमर्शियल टैक्स (वाणिज्यिक कर), परिवहन (ट्रांसपोर्ट) और स्टैम्प एवं पंजीकरण — अपने लक्ष्यों से करीब 10 प्रतिशत पीछे रहने वाले हैं।
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Telangana High Court Stays Special Privilege Fee on Bars and Restaurants for Four Weeksजनवरी के अंत तक आबकारी विभाग का राजस्व 33,371 करोड़ रुपये रहा, जबकि लक्ष्य 40,000 करोड़ रुपये का था। शराब की बिक्री से हर महीने औसतन 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई को देखते हुए सरकार को उम्मीद है कि वह इस लक्ष्य को लगभग 500 करोड़ रुपये से पार कर लेगी।
वहीं कमर्शियल टैक्स से 90,229 करोड़ रुपये (लक्ष्य 1.2 लाख करोड़ रुपये) और स्टैम्प एवं पंजीकरण से 20,500 करोड़ रुपये (लक्ष्य 28,000 करोड़ रुपये) का राजस्व प्राप्त हुआ है। परिवहन विभाग ने 15,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 10,594 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
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