अगले वित्त वर्ष में जारी नहीं होंगे नए जेकेईएल-2 लाइसेंस
जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान केंद्र शासित प्रदेश में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। यह जानकारी सरकार ने विधानसभा में विधायक अर्जुन सिंह राजू के सवाल के लिखित जवाब में दी। वित्त विभाग ने बताया कि अगले वर्ष नए JKEL-2 शराब लाइसेंस जारी करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार के इस फैसले को शराब नीति को स्थिर रखने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पिछले दो सालों में आय में इजाफा
हालांकि नई दुकानें नहीं खोली जाएंगी, लेकिन सरकार ने यह भी बताया कि मौजूदा शराब दुकानों से होने वाली आय में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले दो वित्त वर्षों के जिला-वार आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं।
जम्मू संभाग राजस्व में सबसे आगे
आंकड़ों के मुताबिक जम्मू जिला राजस्व के मामले में सबसे आगे रहा। 2023-24 में 48,350.15 लाख रुपये की आय हुई, जो 2024-25 में बढ़कर 50,913.93 लाख रुपये हो गई। उधमपुर, कठुआ, सांबा, राजौरी, रियासी, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन जैसे जिलों में भी शराब से होने वाले राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है।
Scotch Whisky Association Appeals Against England’s New Single Malt Whisky Rules
Kerala Government Plans Strict Action Against Bars Serving Alcohol to People Below 23कश्मीर संभाग में श्रीनगर शीर्ष पर
कश्मीर संभाग में श्रीनगर जिला सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाला जिला रहा। श्रीनगर की आय 5,489.67 लाख रुपये से बढ़कर 6,557.66 लाख रुपये हो गई। इसके अलावा अनंतनाग, बारामूला, गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों में भी शराब से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सिर्फ डोमिसाइल को ही मिलते हैं लाइसेंस
सरकार ने कथित बेनामी शराब लाइसेंस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सभी लाइसेंस आबकारी अधिनियम 1958 और लागू नीति के तहत जम्मू-कश्मीर के डोमिसाइल निवासियों को ही जारी किए जाते हैं। सरकार के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल नई दुकानों के विस्तार के बजाय मौजूदा शराब व्यवस्था को मजबूत करने और राजस्व प्रबंधन पर फोकस किया जाएगा।

