दिल्ली हाईकोर्ट ने दूसरी कंपनी द्वारा ट्रेडमार्क ‘जैक डेनियल’ का पंजीकरण कराए जाने पर रोक लगाते हुए कहा कि इस ब्रांड के अन्यत्र इस्तेमाल से प्रसिद्ध अल्कोहल कंपनी ‘जैक डेनियल प्रॉपर्टीज इंक’ को अपूरणीय क्षति होगी। न्यायमूर्ति अमित बंसल ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया, शराब कंपनी ‘जैक डेनियल’ के पक्ष में और मेसर्स मंगलम कृपा के खिलाफ मामला बनता है। उन्होंने कहा, ‘याचिकाकर्ता (जैक डेनियल प्रॉपर्टीज इंक) के पक्ष में और प्रतिवादी संख्या-1 (मेसर्स मंगलम कृपा) के खिलाफ प्रथम दृष्टया यह मामला बनता है कि प्रतिवादी संख्या-1 का पंजीकरण व्यापारचिह्न (ट्रेडमार्क) अधिनियम, 1999 की धारा 9 (2) (ए) और धारा 11 का उल्लंघन है।
अदालत ने कहा कि मामला याचिकाकर्ता के पक्ष में और प्रतिवादी कंपनी के खिलाफ बनता है। इसने कहा कि यदि दूसरी कंपनी द्वारा संबंधित चिह्न का इस्तेमाल किए जाने पर रोक नहीं लगाई गई तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति होगी। उच्च न्यायालय जैक डेनियल की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आग्रह किया गया था कि उसके ट्रेडमार्क का प्रतिवादी द्वारा इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाई जानी चाहिए।
जैक डेनियल प्रॉपर्टीज इंक ने दलील दी कि अल्कोहल उत्पादों के संबंध में “जैक डेनियल” ट्रेडमार्क का उपयोग 1895 से किया जा रहा है और वह संबंधित व्यापारचिह्न सहित विभिन्न व्यापारचिह्नों की पंजीकृत मालिक है। इसने कहा, “जैक डेनियल चिह्न का 1997 से भारत में लगातार और बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।” याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अन्य कंपनी द्वारा संबंधित चिह्न का पंजीकरण कराया जाना और इस्तेमाल किया जाना स्पष्ट रूप से दुर्भावनापूर्ण है तथा याचिकाकर्ता के व्यापारचिह्न की प्रतिष्ठा पर हमला करने का प्रयास है। अदालत ने याचिका पर मेसर्स मंगलम कृपा को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 26 मार्च 2025 के लिए सूचीबद्ध कर दी।
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