दिवाली के ठीक पहले गुजरात सरकार ने शराब परमिट शुल्क में 150% की वृद्धि की घोषणा की है। नये शुल्क को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹25,000 जबकि इसके नवीकरण को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹20,000 कर दिया गया है। इस बढ़ी हुई फीस से मिलने वाला अतिरिक्त राजस्व सूरत के सिविल अस्पताल की ‘रोगी कल्याण समिति’ (आरकेएस) में जमा कराया जाएगा। नए शराब परमिट एक साल के लिए वैध होंगे, जबकि नवीनीकरण दो साल के लिए वैध होगा। हालांकि कीमत में बढ़ोतरी से शराब परमिट आवेदकों में निराशा भी देखी गई है। इस समय गुजरात में लगभग 45,000 लोगों के पास शराब परमिट हैं जो 2023 तक शराब परमिट रखने वाले लोगों की संख्या 39,888 से बढ़ गई है। इसके अलावा, पिछले तीन वर्षों में 14,696 नए आवेदन प्राप्त हुए जबकि इस दौरान 30,112 परमिटों का नवीनीकरण भी किया गया। सबसे अधिक 13,456 परमिट धारक अहमदाबाद में हैं। इसके बाद सूरत में 9,238, राजकोट में 4,502, वडोदरा में 2,743, जामनगर में 2,039, गांधीनगर में 1,851 और पोरबंदर में 1,700 परमिट धारक हैं। फरवरी 2024 में राज्य विधानसभा में सरकार की अधिसूचना के अनुसार, राज्य ने नए शराब परमिट देने से ₹8.75 करोड़ और परमिट नवीनीकरण शुल्क के माध्यम से ₹29.80 करोड़ सहित कुल ₹38.56 करोड़ की राशि अर्जित की।
