उत्तर प्रदेश की नई आबकारी नीति 2026–27 से बीयर की मांग बढ़ने की संभावना जताई गई है। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, स्पिरिट्स और देशी शराब पर कर व शुल्क बढ़ने के कारण उपभोक्ताओं का रुझान कम अल्कोहल वाले पेयों, खासकर बीयर, की ओर शिफ्ट हो सकता है।
बीयर की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है, जबकि हार्ड लिकर में हल्की बढ़ोतरी संभावित है, जिससे कंपनियां नए और कम अल्कोहल प्रतिशत वाले उत्पाद लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।
ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महानिदेशक विनोद गिरी का कहना है कि नई नीति लाइसेंसिंग, वितरण और कर ढांचे में पारदर्शिता और स्पष्टता लाकर उद्योग के लिए स्थिर माहौल तैयार करती है।
Scotch Whisky Association Appeals Against England’s New Single Malt Whisky Rules
Kerala Government Plans Strict Action Against Bars Serving Alcohol to People Below 23कम शुल्क पर लो-अल्कोहल पेय बेचने वाले आउटलेट खोलने की अनुमति भी मांग बढ़ा सकती है, खासकर गर्मियों में।
उद्योग का अनुमान है कि लगभग ₹1,400 करोड़ के निवेश से नई ब्रुअरीज स्थापित होंगी और संबंधित क्षेत्रों—जैसे ग्लास, कच्चा माल व लॉजिस्टिक्स—के जरिए राज्य में लगभग ₹5,500 करोड़ की आर्थिक गतिविधि उत्पन्न हो सकती है।
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