कांट्रेक्टर यूनियन राजस्थान के बैनर तले शराब कारोबारियों ने मानसरोवर जयपुर में 15 दिसम्बर को महाकुंभ का आयोजन किया। महाकुंभ में कारोबारियों ने कहा कि सरकार की ही दुकानों से सरकार को ही कमाकर हम देते हैं लेकिन अब उनकी संपत्तियां नीलाम और कुर्क हो रही हैं। पिछले शासन के दौरान शराब कारोबारियों के समर्थन में बीजेपी के नेता किरोड़ी लाल और राजेंद्र राठौड़ ने विरोध किया था। जिसके कारण कांग्रेस सरकार को नीलामियां रोकनी पड़ी।
शराब ठेकेदार यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष पंकज धनखड़ ने बताया कि शराब व्यापारियों ने राज्य सरकार को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा है। इसमें शॉप खोलने का समय रात 11 बजे तक करने, शराब की दुकानों पर पुलिस का हस्तक्षेप बंद करवाने, पुरानी पैनल्टी के नाम पर तकरीबन 1000 अनुज्ञाधारियों की चल- अचल सम्पतियां कुर्क कर नीलामी की कार्यवाही को रोकने, पेनल्टियां समाप्त करने, 31 मार्च 2024 से पहले तक की जब्त धरोहर राशियां अनुज्ञाधारियों को ब्याज सहित लौटाने, लिकर परकमीशन 20 प्रतिशत बढ़ाने, गारंटी 30 प्रतिशत कम करने, शहरी क्षेत्रो में दुकानों की संख्या घटाने, साल 2024-2025 में शार्ट फाल हुई गारंटी उठाव के लिए 31 जनवरी 2025 तक का समय देने के साथ ही लिकर शॉप्स के पास ग्राहकों को बैठने की छूट देने की मांग की गई है।
धनखड़ ने कहा कि अगर शराब व्यापारियों की समस्याओं की तरफ ध्यान देते हुए उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया गया। तो प्रदेशभर के शराब कारोबारी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का घेराव करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश में शराब की नई नीति का बहिष्कार करेंगे। इस दौरान महाकुंभ को प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश महासचिव मनोहर सिंह भाटी, प्रदेश सचिव सिराजुद्दीन पंवार, संयुक्त सचिव धनराज मीणा, संगठन मंत्री जयसिंह गुर्जर, सीकर संभाग अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मील, संभागीय अध्यक्ष मोनित सिंघल और पाली संभाग अध्यक्ष त्रिपाल सिंह राणावत समेत प्रदेशभर के शराब कारोबारियों ने हिस्सा लेकर अपने विचार व्यक्त किये।
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