वित्तीय वर्ष २०२४-२५ के पहले माह अप्रैल में देशी शराब की ७.४० करोड़ लीटर की खपत हुई है। गत वर्ष इस दौरान ६.५९ करोड़ लीटर की खपत हुई थी। गत वर्ष के सापेक्ष यह वृद्धि दर १२.२ प्रतिशत है। अप्रैल माह का मैक्सिमम गारंटी कोटा ५.७२ करोड़ लीटर था जिसके सापेक्ष २९.३ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। आगरा जोन में १.८० करोड़ लीटर की खपत है जो १०.९ प्रतिशत गत वर्ष से अधिक है। मेरठ जोन में इस दौरान १.७८ करोड़ लीटर की खपत हुई है जो गत वर्ष से १०.८ प्रतिशत अधिक है। लखनऊ जोन में इस दौरान १.५६ करोड़ का उपभोग हुआ और वृद्धि दर १८.३ प्रतिशत की थी। गोरखपुर जोन में १.२७ करोड़ लीटर खपत और १०.१ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वाराणसी जोन में ०.९९ करोड़ लीटर की खपत और ११.१ प्रतिशत की वृद्धि है। लखनऊ जनपद में २७.५१ लाख लीटर, कानपुर नगर में २७.१३, आगरा में १८.३५, गाजियाबाद १७.२६ और प्रयागराज में १७.०४ लाख लीटर देशी शराब की अप्रैल में खपत हुई है।
विदेशी में ५ प्रतिशत की वृद्धि और बीयर में १० प्रतिशत की आई कमी
अप्रैल माह में विदेशी मदिरा की २.३० करोड़ बोतलों की खपत हुई है जो गत वर्ष से ४.६ प्रतिशत अधिक है। गत वर्ष इस दौरान २.२० करोड़ बोतलों का उपभोग हुआ था। मेरठ जोन में इस दौरान १.२ प्रतिशत की कमी आई है। गोरखपुर जोन में अप्रैल में १४.३, वाराणसी जोन में १०.४, लखनऊ जोन में ४.६ और आगरा जोन में १.७ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। बलिया में ५२.९, मऊ में ४९.९, संत कबीरनगर में ३८.१, गाजीपुर में २८.७, बहराइच में २६.६, फतेहपुर में २६.१, चित्रकूट में २५.९, श्रावस्ती में २५.३ तथा अयोध्या में २४.८ प्रतिशत की गत वर्ष के सापेक्ष विदेशी मदिरा की खपत में वृद्धि हुई है। कुशीनगर में इस दौरान सबसे अधिक गिरावट २४.१ प्रतिशत की हुई है। बीयर की मांग अप्रैल माह में अप्रैल माह में घट गई है। पिछले दो साल से बीयर की मांग में कमी देखी जा रही है। बीयर का उपभोक्ता गर्मी बढ़ने के बावजूद देशी और विदेशी मदिरा को महत्व दे रहे हैं। विगत वर्ष जहां इस दौरान ८.७९ करोड़ वैâन का खपत हुआ था वहीं लगभग एक करोड़ वैâन का उपभोग अप्रैल में घट गया है। यह कमी लगभग १०.५ प्रतिशत की है। आगरा जोन में २२.९ मेरठ जोन में १४.८, लखनऊ जोन में ३.६ और वाराणसी जोन में २.९ प्रतिशत उपभोग में गत वर्ष के सापेक्ष गिरावट आई है। मात्र गोरखपुर जोन में बीयर का उपभोग ४.१ प्रतिशत बढ़ा है बुलंदशहर जनपद में ३७.९, अलीगढ़ में ३४.४, बागतपत में ३१.६, आगरा में २८.२, जालौन २७.३, मेरठ में २६.२, महोबा में २६.० फिरोजबाद में २५.२ तथा इटावा में २४.० प्रतिशत की गत वर्ष से कम खपत हुई है।
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Kerala Government Plans Strict Action Against Bars Serving Alcohol to People Below 23शीरा की मांग बढ़ी,स्टॉक हुआ कम
अप्रैल माह तक शीरे का उपभोग ३६८.४० लाख क्विंटल हो गया है जबकि गत वर्ष ३४७.७० लाख क्विंटल खपत हुई थी। शीरे का उत्पादन गत वर्ष से कम होने के कारण शीरे के अवशेष स्टॉक में भारी कमी है। गत वर्ष के लगभग २३५ लाख क्विंटल के सापेक्ष इस सत्र में लगभग १५३ लाख क्विंटल शीरे का अवशेष बचा है। शीरे के उत्पादन में लगभग ७८ लाख क्विंटल उत्पादन में गिरावट आई है। उत्पादन भले ही कम हुआ है लेकिन उपभोग बढ़ता ही जा रहा है। प्रदेश में रिजर्व शीरा केवल ५३.७ लाख क्विंटल बचा हुआ है जबकि अभी पेराई सत्र ६ महीने बाद शुरू होगा। अनारक्षित शीरा भी १००.१५ लाख क्विंटल ही है।

