उत्तर प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026–27 में मदिरा के दाम बढ़ाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं और मदिरा व्यवसायियों की सुविधाओं को भी महत्व दिया है।
हालांकि देशी मदिरा में उपभोक्ताओं की सबसे लोकप्रिय 36 प्रतिशत स्ट्रेंथ की 200 एमएल बोतल की कीमत में ₹5 की वृद्धि की गई है। तस्करी रोकने के लिए 100 एमएल यूपीएमएल बोतल ₹50 में उपलब्ध कराई जाएगी।
लाइसेंसधारियों को अपनी मदिरा दुकानों को नवीनीकरण (Renewal) कराने का अधिकार दिया गया है।
इसके साथ ही थोक मदिरा लाइसेंस की भारी-भरकम फीस को घटाकर अब केवल ₹2 लाख कर दिया गया है, जिससे कोई भी व्यक्ति देशी, विदेशी या बीयर का थोक लाइसेंस प्राप्त कर सकता है।
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आरटीडी और वाइन जैसे लो अल्कोहलिक बेवरेजेज (LAB) के बार अब प्रयागराज में भी खोले जा सकेंगे, जबकि पहले यह सुविधा केवल प्रदेश के 4 जनपदों तक सीमित थी।
आबकारी विभाग ने वर्ष 2026–27 के लिए ₹71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है।
देशी मदिरा (Country Liquor)
अब देशी मदिरा केवल एसेप्टिक ब्रिक पैक में ही उपलब्ध होगी।
प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देशी मदिरा से ही प्राप्त होता है।
सरकार ने 100 एमएल मिनिएचर यूपीएमएल पैक शुरू करके एक बड़ी रणनीति बनाई है।
कम कीमत में अच्छी गुणवत्ता वाली शराब उपलब्ध होने से तस्करी और अवैध मदिरा की बिक्री पर रोक लगने की उम्मीद है।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से लगभग ₹1500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
देशी मदिरा दुकानों का एमजीक्यू (Minimum Guarantee Quota)
देशी मदिरा दुकानों के वार्षिक एमजीक्यू को 5 श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
इन श्रेणियों के अनुसार 4% से 8% तक एमजीक्यू में वृद्धि की जाएगी।
श्रेणी अनुसार वृद्धि
- श्रेणी 1 – 4%
- श्रेणी 2 – 5%
- श्रेणी 3 – 5%
- श्रेणी 4 – 6%
- श्रेणी 5 – 8%
एमजीक्यू खपत का मासिक विभाजन
| महीना | प्रतिशत |
|---|---|
| अप्रैल | 8.5% |
| मई | 9.5% |
| जून | 9.0% |
| जुलाई | 8.0% |
| अगस्त | 6.5% |
| सितम्बर | 6.5% |
| अक्टूबर | 8.5% |
| नवम्बर | 9.5% |
| दिसम्बर | 9.5% |
| जनवरी | 9.0% |
| फरवरी | 8.0% |
| मार्च | 7.5% |
सबसे अधिक बिक्री मई, नवम्बर और दिसम्बर में (9.5%) तथा सबसे कम अगस्त और सितम्बर में (6.5%) निर्धारित की गई है।
देशी मदिरा से संबंधित मुख्य बिंदु
- देशी मदिरा का लाइसेंस शुल्क ₹273 प्रति बल्क लीटर निर्धारित किया गया है।
- कंट्री लिकर 4 कैटेगरी में उपलब्ध होगी –
25%, 28%, 36% और 42.8% V/V स्ट्रेंथ - 100 एमएल बोतल 42.8% स्ट्रेंथ में और
सभी कैटेगरी 200 एमएल बोतल में उपलब्ध होंगी। - कंट्री लिकर का एमजीक्यू 4% से 8% तक बढ़ाया गया है।
- 36% स्ट्रेंथ की बोतल की एमआरपी ₹5 बढ़ाई गई है।
- सीएल/यूपीएमएल इंडेंट लेट फीस संबंधित राजस्व का 0.5% प्रति दिन होगी।
- रिटेलर एक डिस्टिलरी के अधिकतम 75% ब्रांड का ही स्टॉक रख सकेंगे।

