प्रदेश की उत्पादक इकाइयों को अपने उत्पादन को अपने निर्धारित बांड की सीमा में ही अंडर बांड निर्यात अथवा बिक्री करनी होती है। इसके लिए उत्पादक इकाइयों को पीडी-15, एफएल-बीबी 1 एवं बी-7 जैसे बांड लेना होता है। बांड की कीमत इकाई की सम्पूर्ण मूल्य का अधिकतम 90 प्रतिशत होता है। उत्पादन इकाइयां, अल्कोहल और मदिरा अपने निर्धारित बांड की कीमत के अंतर्गत अपने उत्पाद का डिस्पैच करती हैं। हालांकि उत्पादों के लिए निर्धारित शुल्क भी अग्रिम जमा कराया जाता है। क्रेता अथवा आयातक इकाई के लिए परिवहन पास आबकारी द्वारा जारी किया जाता है। सम्बन्धित इकाई से परिवहन पास की वापसी निश्चित कार्य दिवस में आवश्यक होता है। परिवहन पास की वापसी को आबकारी नीति में ऑनलाइन सत्यापन की मंजूरी दी गई है। पासों के मैनुअल सत्यापन एवं वापसी की व्यवस्था समाप्त कर दिया गया है। उत्पादन इकाइयों को अपने निर्यात अथवा बिक्री के लिए अब इससे राहत मिलेगी।









