नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कोविड-19 महामारी के दौरान राज्य में मादक पेय पदार्थों की खुदरा दुकानों द्वारा हेरफेर के कारण 75.07 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व के नुकसान का पता लगाया है। विधानसभा में 7 दिसम्बर को रखी गई रिपोर्ट में, कैग ने कहा कि ओडिशा आबकारी विभाग ने मई 2020 में राज्य में बेची जाने वाली सभी विदेशी शराब, भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) बीयर, वाइन और पीने के लिए तैयार पेय पदार्थों पर अधिकतम खुदरा मूल्य के 50 प्रतिशत की दर से विशेष कोविड शुल्क (एससीएफ) लगाया था। कोविड-19 महामारी के दौरान दो महीने के बंद के कारण आबकारी राजस्व के अपेक्षित नुकसान के मद्देनजर एससीएफ लगाया गया था।
एससीएफ 24 मार्च, 2020 से कारोबार किए जाने वाले मादक पेय पदार्थों पर लागू किया गया था। इस प्रावधान को लागू करने के लिए, आबकारी क्षेत्र के अधिकारियों को शराब की दुकानों के स्टॉक का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था। एससीएफ लगाने की प्रक्रिया की जांच करने के लिए, सीएजी ने 21 जिला आबकारी कार्यालयों के तहत काम करने वाली 1,378 खुदरा शराब की दुकानों के 1,378 बिक्री रजिस्टरों की जांच किया। इनमें से 108 (7.84 प्रतिशत) ऑडिट को प्रस्तुत नहीं किए गए थे। शराब उत्पादों की कीमत बोतल के ब्रांड और आकार (एमएल में) पर निर्भर करती है। हालांकि, खुदरा दुकानों द्वारा ब्रांड-वार और आकार-वार बिक्री रजिस्टर नहीं बनाए गए थे। खुदरा दुकानों के प्रभारी आबकारी अधिकारियों ने इस तरह के आंकड़ों के रखरखात को लागू नहीं किया था।
ब्रांड-वार और आकार-वार रजिस्टर बनाए बिना, 24 मार्च, 2020 तक समापन स्टॉक के आधार पर, प्रत्येक खुदरा विक्रेता पर लागू एससीएफ की सटीक राशि का आंकलन लगाना संभव नहीं था। खुदरा दुकानों को फिर से खोलने से पहले 24 मार्च, 2020 तक मैन्युअल रूप से बनाए गए बिक्री रजिस्टरों में शेष राशि स्टॉक नहीं दर्ज की गई थी। इस प्रकार, एससीएफ लगाने से पहले आबकारी ओआईसी द्वारा बिक्री रजिस्टरों की पूरी तरह से जांच और सत्यापन नहीं किया जा सका।
Scotch Whisky Association Appeals Against England’s New Single Malt Whisky Rules
Kerala Government Plans Strict Action Against Bars Serving Alcohol to People Below 23कैग ने अनुमान लगाया कि एससीएफ लगाने से पहले 716 लाइसेंस प्राप्त खुदरा विक्रेताओं द्वारा 1,27,21,915 शराब की बोतलें (व्हिस्की, रम, वोदका, ब्रांडी और बीयर) सामान्य बिक्री के रुझान से अधिक बेची गई थीं। बिक्री रजिस्टर में हेरफेर के ANANER OF INDIA माध्यम से अतिरिक्त बिक्री की इस अनियमित रिपोर्टिंग के कारण, एससीएफ लगाने और संग्रह करने में 75.07 करोड रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ था। ऑडिट में लाइसेंस प्राप्त खुदरा विक्रेताओं और संबंधित आबकारी प्रभारी अधिकारियों के बीच मिलीभगत की संभावना का संकेत दिया गया है।
सीएजी की उपरोक्त टिप्पणियों को देखते हुए, आबकारी आयुक्त ने (अप्रैल 2023 में) कहा था कि ऑडिट के लिए बिक्री रजिस्टर प्रस्तुत न करना एक गंभीर मामला है और संबंधित आबकारी अधीक्षकों और लाइसेंसधारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित किया था कि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए लाइसेंसधारियों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और सरकारी राजस्व की वसूली के लिए सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

