त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारतीय व्हिस्की बाजार में तेजी से अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में किसी ब्रांड की वफादारी बढ़ाने और प्रतिस्पर्धियों से अलग दिखने के लिए, स्थानीय उपभोक्ताओं से जुड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। त्रिवेणी इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसीडेंट (आईएम एफएल) भरत गांधी कहते हैं कि किसी ब्रांड की स्थानीय पहचान उसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी भारतीय बाजार में अलग खड़ा करने में अहम भूमिका निभाती है। वे एक ऐसी रणनीति की बात करते हैं, जिसमें उचित मूल्य, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और ब्रांडिंग को मिलाकर व्यापक उपभोक्ता वर्ग को आकर्षित किया जा सके।
त्रिवेणी इंजीनियरिंग ने विभिन्न उपभोक्ता वर्गों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है, जिसमें गुणवत्ता और प्रामाणिकता पर विशेष ध्यान दिया गया है। गांधी के अनुसार, एक मजबूत स्थानीय पहचान बनाकर व्हिस्की ब्रांड भारतीय उपभोक्ताओं को आकर्षित कर सकता है, जो आमतौर पर ऐसे उत्पादों की तलाश में रहते हैं, जो उनकी संस्कृति और मूल्यों से मेल खाते हों। कंपनी का लक्ष्य अपने ब्रांड को स्थानीय और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्थापित करना है। गांधी का मानना है कि उनका ब्रांड उपभोक्ताओं के साथ एक भावनात्मक संबंध बनाने में सफल होगा, जिससे उपभोक्ताओं के सकारात्मक अनुभव और मौखिक प्रचार के माध्यम से लगातार खरीदारी हो सकेगी।
भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और बदलती उपभोक्ता प्राथमिकताओं को देखते हुए, कंपनी अब आर्टिसनल व्हिस्की पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) के क्षेत्र में प्रवेश कर रही है। उच्च गुणवत्ता वाली आर्टिसनल व्हिस्की की बढ़ती मांग के मद्देनजर त्रिवेणी इंजीनियरिंग ने दो व्हिस्की ब्रांड ‘द क्राफ्टर्स स्टैंप रेयर आर्टिसन ब्लेंडेड व्हिस्की’ और ‘मत्स्य ट्रिपल रिज़र्व ब्लेंडेड व्हिस्की लॉन्च किए हैं। उत्तर प्रदेश में लॉन्च किए गए ये ब्रांड प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट को ध्यान में रखकर बनाये गये हैं, जिनमें मत्स्य की कीमत 690 रुपये और क्राफ्टर्स स्टैंप की कीमत 950 रुपये तय की गई है।
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