हमारे देश में शराब पीने वालों की कोई कमी नहीं है। बिहार, गुजरात जैसे राज्यों में
प्रति व्यक्ति शराब पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले राज्य (2022-23)
ब्लैक में शराब खरीदते और पीते हैं। देश में सरकारों को पेट्रोलियम पदार्थों के बाद शराब से सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिलता है, जिसकी वजह है कि हर साल हजारों करोड़ रुपये की शराब बिकती है। वित्त मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त अनुसंधान संस्थान, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी (एनआईपीएफपी) के एक नए अध्ययन के अनुसार, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में लोग शराब पर सबसे ज्यादा पैसे खर्च करते हैं। उसके बाद छत्तीसगढ़, पंजाब और ओडिशा का नंबर आता है। बता दें कि यह अध्ययन शराब पर लगने वाले टैक्स से राजस्व संग्रह पर केंद्रित है और इसमें 2011-12 से 2022-23 तक के NSSO और CMIE के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। एनआईपीएफपी की स्टडी में बताया गया है कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना वो दो राज्य हैं, जहां देश के किसी भी राज्य की तुलना में लोग शराब पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च करते हैं। NSSO के डाटा के मुताबिक, 2011-12 में भी आंध्र प्रदेश 620 रुपये के साथ शराब पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाले राज्यों में पहले स्थान पर था। ‘सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी’ (CMIE) के उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वे (एचपीएचएस) के अनुसार, तेलंगाना में शराब पर सबसे ज्यादा खर्च किया जाता है, जहां एक परिवार औसतन 1623 रुपये प्रति वर्ष खर्च करता है। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश में सबसे कम 49 रुपये खर्च किए जाते हैं।
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