गुजरात देश का पहला राज्य बना है जो अवैध शराब की तस्करी में जब्त किए गए वाहनों की नीलामी करेगा और उससे प्राप्त हर्ष संघवी आय का उपयोग सामाजिक कल्याण के लिए करेगा। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा में नशाबंदी सुधार विधेयक को पारित करते हुए यह बात कही। गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है जिसमें गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने नशाबंदी सुधार विधेयक पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात में शराब निषेध अधिनियम में यह सुधार पुलिस प्रक्रिया को सरल बनाने और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के मुख्य उद्देश्य से किया गया है, ताकि शराब की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों का दोबारा उपयोग न हो।
इसके साथ ही पुलिस स्टेशन में रखे हुए तस्करी के वाहन पड़े पड़े नष्ट या कबाड़ बन रहे हैं, इसके बजाय उसकी नीलामी करके मिलनेवाली रकम सामाजिक कल्याण के लिये खर्च की जाए ऐसे उद्देश्य के साथ यह बदलाव किया गया है। गृहमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के वाहनों की नीलामी कर अपने पैसे का उपयोग सामाजिक कल्याण और सरकारी योजनाओं के लिए करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन जाएगा। देश के लिए सबसे बड़ी क्षति यह है कि राज्य में करोड़ों रुपये के वाहन नष्ट हो जाते हैं। ऐसे कबाड़ हुए वाहनों की नीलामी के बाद, यदि कोई व्यक्ति किसी अदालतद्वारा निर्दोष पाया जाता है, तो नीलामी में बेचा गया उसका वाहन नीलामी से प्राप्त राशि के मालिक को सूद समेत वापस कर दिया जाएगा। यह कानून 20 लीटर से ज्यादा शराब रखने वाले वाहनों के लिए है। पिछले दो वर्षों में पुलिस ने शराब तस्करी के मामलों में 22,442 वाहन जब्त किए हैं और इनमें से लगभग 7213 वाहन अभी भी पुलिस स्टेशन में लंबित हैं। ऐसे वाहनों की
नीलामी का अधिकार डीवाईएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपा गया है। अब तक इस प्रकार के अपराध में गुजरात के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में लगभग 300 लक्जरी कारें जब्त की गई हैं। इस कानून में संशोधन करके इन कारों की नीलामी से करोड़ों रुपये की कमाई होगी जिसका इस्तेमाल हजारों गरीब परिवारों के लिए किया जाएगा।
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