जिन और वोदका दोनों ही शुद्ध अल्कोहल वाले पेय हैं, जो पारदर्शी होते हैं। जिन और वोदका दिखने में एक जैसी हैं। लेकिन वोदका बिना स्वाद की शराब है, जो अनाज, आलू या शीरे से बनाई जाती है। जबकि जिन का एक विशिष्ट, जटिल स्वाद होता है जो जुनिपर बेरीज से आता है। जिन में जूनिपर के अलावा बहुत से बोटॅनिकल्स और स्पाइसेस मिलाए जाते हैं। जिन और वोदका को पीने का तरीका अलग होता है। वोदका अक्सर स्ट्रैट पी जाती है या कॉकटेल में इस्तेमाल की जाती है। जिन का इस्तेमाल अक्सर जिन टॉनिक या मार्टिनी जैसी क्लासिक कॉकटेल में किया जाता है। काकटेल में जिन अथवा वोदका न हो तो काकटेल में कोई मजा नहीं है। काकटेल के ये दोनो ही जान हैं।
जिन की शुरुआत यूरोप में हुई थी। जबकि वोदका की शुरुआत रूस में हुई थी। दोनों को बनाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। जिन बनाने के लिए जुनिपर बेरी को डिस्टल करने का पहला दर्ज उदाहरण 11 वीं शताब्दी के दौरान इटली में मॉन्क (भिक्षुओं) का है। जिन की उत्पत्ति का श्रेय फ्रांसिस्कस सिल्वियस को भी दिया जाता है। नीदरलैंड्स में सिल्वियस ने एक दवा बनाने के लिए जुनिपर बेरी को स्पिरिट के साथ डिस्टिल्ड किया। फिर ये पेय जिन के रूप में मशहूर हो गया। सैनिकों द्वारा इसे इंग्लैंड ले जाया गया। वहां इसे इतना पसंद किया गया कि 18वीं शताब्दी में जिन को बड़े पैमाने पर एक सामाजिक समस्या घोषित कर दिया गया। इसकी वजह थी जिन का सस्ता होना। जिन आज भी इंग्लैंड का पसंदीदा पेय है। इस स्पिरिट का नाम जुनिपर बेरी के फ्रेंच नाम जेनिवे से लिया गया है।
आलू और अनाज से बनती है वोदका
वोदका एक न्यूट्रल स्पिरिट है, इसमें कोई गंध या रंग नहीं होता है। परंपरागत रूप से पहले यह आलू से बनाई जाती थी, लेकिन बाद में इसे बनाने के लिए अनाज का इस्तेमाल होने लगा। कुछ इलाकों में अभी भी वोदका बनाने के लिए आलू और मकई का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में गेंहू जैसे अनाज का उपयोग वोदका को डिल्टल्ड करने के लिए किया जाता है।
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Telangana High Court Stays Special Privilege Fee on Bars and Restaurants for Four Weeksमध्यकाल में वोदका का इस्तेमाल दवाई के तौर पर किया जाता था। इसे बांझपन और दांत दर्द सहित कई प्रकार की बीमारियों के संभावित इलाज के रूप में इसकी मार्केटिंग की गई थी। रिकॉर्ड से पता चलता है कि वोदका को प्लेग के लिए एक चमत्कारिक इलाज माना जाता था। वोदका की लोकप्रियता 1940 के दशक में आसमान पर थी। यह आज भी दुनिया की सबसे लोकप्रिय शराब में से एक बनी हुई है। हर साल इसके अरबों गैलन की खपत होती है।
जिन और वोदका इन दोनों शराबों की अपनी-अपनी खसियत है, जो लोगों को अपनी ओरआकर्षित करती है। जिन में अल्कोहल की मात्रा 35 से 55 फीसदी तक होती है। जबकि वोदका में यह 40 से 60 फीसदी के बीच होती है। हेंड्रिक्स, हापुसा, टैनक्यूरे और बॉम्बे सफाएर काफी फेमस है।
हालांकि प्योत्र स्मिरनोव नाम के एक रूसी किसान ने आज के सबसे लोकप्रिय ब्रांड में एक बनाया। अपने रूसी वंश की बजाय उन्होंने अपने नाम की फ्रेंच स्पेलिंग के आधार पर अपने वोदका ब्रांड का नाम रखा। 1917 की वोलशैविक क्रांति के बाद लादिमीर स्मिरनोव (प्योत्र स्मिरनोव के बेटे) जैसे प्रमुख डिस्टिलर्स को उत्पादन बंद करने और देश से भागने को मजबूर किया। अपने ब्रांड का पश्चिमी दुनिया में परिचय कराने से पहले स्मिरनोव पोलैंड और फिर फ्रांस पहुंचे। पोलैंड की लुक्सुसोवा दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाली आलू वोदका है। भारत में स्मिरनॉफ एब्सुल्यूट, ग्रे गूज, स्टोलिश नाया और सिरोक भी फेमस हैं। इसी तरह जिन में हेंड्रिक्स, हापुसा, टैनक्यूरे और बॉम्बे सफाएर काफी फेमस है।

