एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था द्वारा एक सर्वे में यह बात उभर कर सामने आई है कि प्रीमियम लिकर के उपभोग में भारत के उपभोक्ता यूएस और चाइना से भी आगे हैं। उत्तर प्रदेश पिछले एक दशक से अपनी इकोनॉमी ग्रोथ के कारण कंज्यूमर इंडेक्स में अच्छी पोजीशन पर है। बढ़ते आर्थिक उन्नति का असर है कि महंगे से महंगे मदिरा की खपत राज्य में बढ़ रही है। ऐसे उपभोक्ताओं को ही ध्यान में रखकर लिकर ट्रेडर महंगे से महंगे मदिरा का देश के बाहर से आयात कर रहे हैं। लिकर कंपनी पशुपति स्प्रिट्स ने द मैकॉलन एम हाईलैण्ड सिगल माल्ट स्कॉच व्हिस्की जिसकी कीमत 867970 रुपया है, को मदिरा उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई है। इस ब्रांड की बोतल में मात्र 700 एमएल लिकर है तथा इसकी तीव्रता 45 प्रतिशत है। रेमीमार्टिन लुईस XIII जिसकी कीमत 324200 रुपये और द मैकॉलन 30 ईयर ओल्ड सेरीओक जिसकी कीमत 299650 रुपये है। 159800 रुपये की भी मैकालन ब्रांड की बोतल उपलब्ध है। इन सभी बोतलों की धारिता मात्र 700 एमएल है। वेंडिंग स्प्रिट कंपनी और रूट क्रॉप्स ट्रेडिंग कंपनी ने भी लगभग 70-70 हजार की बोतलों को उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराई है।





