इंडियन एक्जीबिशन सर्विसेस और ग्रीन सोसायटी आफ इंडिया का 5वां तीन दिवसीय पर्यावर्षीय सम्मेलन हुआ सम्पन्न
इस समय तापमान दिल्ली और उसके आस-पास इस साल नया रिकॉर्ड कायम कर रही है। बढ़ती गर्मी का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल वार्मिंग को ठहराया जा रहा है। ग्लोबल वार्मिंग का बड़ा कारण बढ़ रहा प्रदूषण, जंगल में वृक्षों की अंधाधुंध कटाई और नये वृक्षों की रोपाई में कमी आना है। प्रदूषण बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान वर्तमान में उपयोग होने वाले ऊर्जा के स्रोत हैं। दुनिया भर में नवीकरणीय और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत पर तेजी से काम हो रहा है। हमारे देश में भी इस पर सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
ग्रेटर नौयहा के इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में तीन दिवसीय 5 जून से 7 जून तक आयोजित इंडिया बायोफ्यूल मीट के आयोजन कर्ता इंडियन एक्जीबिशन सर्विसेस के निदेशक स्वदेश कुमार ने बताया कि पर्यावरण में सस्टेनबिलिटी यानी स्थायित्व हमारी भावी पीढ़ियों के लिए बहुत आवश्यक है। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए बायोफ्यूल एक्सपो 2024, वर्ल्ड एनवायरपेट एक्सपो और बायो डिग्रेडेबल एक्सपो 2024 का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण स्थायित्व के क्रम में तीन पी महत्वपूर्ण हैं। पहले पी का अर्थ का है पीपुल, दूसरे पी का अर्थ है प्लैनेट (धरती) और तीसरे पी का अर्थ है प्राफिट। हमारी भावी पीढ़ियों की क्षमता के साथ समझौता किये बिना उनकी जरूरतों को पूरा करना होगा। पर्यावरण स्थायित्व, सामाजिक स्थायित्व और आर्थिक स्थायित्व के लिए हमारी धरती और उसके निवासियों के मध्य संतुलन बनाने के लिए हमें शून्य उत्सर्जन की ओर बढ़ना होगा।
Carlsberg, Pernod Ricard and Coca-Cola Advance India IPO Plans at Different Stages
Telangana High Court Stays Special Privilege Fee on Bars and Restaurants for Four Weeksमेयर, आरडब्लूए और ग्रीन सोसायटी रोकेंगे वाणिज्यिक भूजल दोहन
एक्सपो के दौरान देश भर से 20 से अधिक मेयर (महापौर) भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराये थे। मेयर के सम्मेलन का उद्घाटन आंध्र प्रदेश के सलाहकार राजन छिब्बर ने किया और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद नरेश बंसल थे। नरेश बंसल ने कहा कि इंडियन एक्जीबिशन सर्विसेस को इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मैं बधाई देता हूं। इस आयोजन में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार मेयर भाग ले रहे हैं। मेयर के इस सम्मेलन में आरडब्लूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) फेडरेशन, ग्रीन सोसायटी ऑफ इंडिया आदि ने एक संयुक्त प्रस्ताव को पारित करते हुए कहा कि औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थानों में भूजल दोहन पर रोक लगाई जाए। जहां भूजल दोहन आवश्यक हो वहां इसकी पैमाइश अनिवार्य रूप से किया जाए।
बायोडिग्रेडेबल एक्सपो 2024
बायोफ्यूल एक्सपो 2024 बायोडीजल, एथेनॉल, मेथेनॉल,
बायोगैस, बायोएलएनजी, बायोसीएनजी, बायोमास, हाइड्रोजन और सिंथेटिक गैस पर आधारित एक इंटरनेशनल कारोबार प्रदर्शनी है जो इस क्षेत्र के उत्पादकों, निर्माताओं को बी2बी मंच उपलब्ध कराता है। इस दौरान मशीनरी कच्चे माल एवं सम्बन्धित उद्योगों पर आधारित कंपनियों ने तीन दिन तक अपनी प्रदर्शनी लगाई थी। इसके अतिरिक्त प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों एवं तकनीकों, नवीकरणीय ऊर्जा, सोलर पैनल, सफाई एवं सैनिटेशन उपकरण, ऊर्जा दक्षता उपकरण आदि की भी प्रदर्शनी लगाई गई थी। नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के कारोबरी अवसर लोगों को प्राप्त हुआ है। तीन दिवसीय कार्यक्रम में स्थिरता ओर जलवायु क्षेत्र से
लगभग 20 हजार व्यापारिक संगठन एक छत के नीचे आये। बायोडिग्रेडेबल एक्सपो 2024 के साथ ही ग्रीनोवेशन 2024, वर्ल्ड ऑफ रिसाइक्लिंग एक्सपो 2024, विश्व पर्यावरण सम्मेलन 2024, इंडिया बायोफ्यूल मीट 2024 तथा ग्रीन इंडिया अवाईस 2024 का भी इस दौरान आयोजन हुआ।

