संदिग्ध ढाबों जहां एल्कोहल के टैंकर कई प्रदेश में अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस, डॉ. आदर्श सिंह जीएसटी, परिवहन विभाग तथा जरूरत पड़ने पर आरपीएफ का भी सहयोग लिया जाएगा। बकरीद और अन्य त्यौहारों को देखते हुए अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी की रोकथाम के लिए आबकारी विभाग के मंत्री नितिन अग्रवाल और प्रमुख सचिव आबकारी वीना कुमारी द्वारा 15 जून से 30 जून तक प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर पूरी तरीके से अंकुश लगाए जाने के मकसद से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
इस अभियान के लिए आबकारी आयुक्त प्रवर्तन अभियान को देखते हुए राजस्व प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी की संयुक्त टीमों का गठन कराते हुए अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के अड्डों पर प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही तथा तस्करी के संभावित चिन्हित मार्गों पर नियमित रूप से रोड चेकिंग कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जहां आवश्यकता हो वहां जी.एस.टी. परिवहन विभाग एवं आर.पी. एफ. का भी सहयोग लेने की बात कही गई है।
आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अवैध मदिरा के कार्य में संलिप्त माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्यवाही करते हुए उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम के साथ-साथ आईपीसी की धाराओं में भी एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही जिस तरीके से देखने में आया है कि राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों पर स्थित कुछ बार रुकते हैं, वहां भी आकस्मिक जांचकराई जाए। जिन लोगों के पास इसको बेचने का लाइसेंस हैं वहां भी सतर्कता बरती जाए कि किसी भी हाल में दुकान से या दुकान के आस-पास से मदिरा की बिक्री अवैध रूप से न हो और मदिरा की बिक्री निर्धारित प्रिंट रेट पर ही हो। इस अभियान के अंतर्गत अवैध अड्डों से बिकने वाली शराब के जीवन के लिये कितनी घातक है इसका भी भरपूर प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर, हैण्डबिल/पोस्टरों एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से भी अवैध अड्डों से शराब न पीने और मिथाइल अल्कोहल के घातक विष होने, इसके उपयोग से व्यक्ति के अन्धा होने तथा उसकी मृत्यु भी होने सम्बन्धी चेतावनी जन सामान्य तक पहुंचाई जाए।

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