केयान के एमडी विनय कुमार सिंह ने बताया कि एथेनॉल व बाटलिंग प्लांट की स्थापना के लिए जमीन व अन्य मामलों के निस्तारण के साथ-साथ ऋण की समस्या भी थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अफसरों ने प्रयास किया तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से ऋण स्वीकृत कर दिया गया। रविवार को नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में ऋृण स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री ने इन्हें सौंपा।
गोरखपुर के गीडा में करीब 1200 करोड़ की लागत से स्थापित केयान डिस्टीलरी में अब बॉटलिंग प्लांट लगेगा। इसमें हर दिन दो लाख किलोलीटर एक्सट्रा न्यूट्रल एल्कोहल का उत्पादन किया जाएगा। इतनी क्षमता वाला यह प्रदेश का पहला एथेनॉल प्लांट है। प्लांट के लगने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। फैक्टरी को स्टेट बैंक की तरफ से ऋण भी दिया गया है, जिसका स्वीकृति पत्र रविवार को मुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह को सौंपा।
बीते 12 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गीडा में केयान डिस्टीलरी प्राइवेट लिमिटेड का शिलान्यास किया था। इस फैक्टरी में प्रतिदिन तीन लाख किलोलीटर एथेनॉल तथा दो लाख किलोलीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल एल्कोहल का उत्पादन होगा। इसके साथ ही 30 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन किया जाएगा। बिजली का उपयोग कंपनी स्वयं करेगी। उपभोग के बाद बची बिजली को ग्रिड के माध्यम से उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन को बेचा जाएगा।
Alcobrew Launches Gamber Valley Pravah and Tapah Indian Single Malts in Five States
IGL Spirits Makes Stock Market Debut After Demerger from India Glycols, Brings 30 Million-Case Spirits Business to Investorsएथेनॉल के साथ-साथ कंपनी बॉटलिंग प्लांट भी लगा रही है। बाटलिंग प्लांट में कुल 12 लाइनें होंगी, जिसमें से 6 पर अंग्रेजी शराब के नामी ब्रांड की रिफिलिंग होगी। इसके अलावा 6 लाइनें देसी ब्रांड के लिए आरक्षित होंगी। ग्रेनबेस्ड एथेनाल प्लांट पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जबकि डिस्टिलरी व बाटलिंग प्लांट पर 450 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इस प्लांट में मुख्य रूप से चावल, जौ और मक्का का इस्तेमाल होगा। कच्चे माल के तौर पर चावल और मक्का बिहार व पश्चिम बंगाल से आएगा। चावल की आपूर्ति भी बिहार से कराई जाएगी।
ऋण स्वीकृति पत्र मिलने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
केयान के एमडी विनय कुमार सिंह ने बताया कि एथेनॉल व बाटलिंग प्लांट की स्थापना के लिए जमीन व अन्य मामलों के निस्तारण के साथ-साथ ऋण की समस्या भी थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अफसरों ने प्रयास किया तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से ऋण स्वीकृत कर दिया गया। रविवार को नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में ऋृण स्वीकृति पत्र भी मुख्यमंत्री ने इन्हें सौंपा।
(the above news was originally posted on Amar Ujala)

