आबकारी विभाग ने बीते सितंबर में 3175.38 करोड़ रुपए राजस्व हासिल किया है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बुधवार को समीक्षा बैठक में कहा कि विभाग राजस्व बढ़ोतरी के साथ-साथ एथेनॉल एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए आबकारी विभाग का राजस्व लक्ष्य 58 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया है। बीते वर्ष सितंबर माह में केवल 2536.38 करोड़ रूपये राजस्व प्राप्त हुआ था। बीते वर्ष के सापेक्ष इस बार 25.19 प्रतिशत अधिक राजस्व हासिल किया गया है। आबकारी मंत्री ने बताया कि वर्तमान वर्ष में अप्रैल से सितंबर तक कुल 20148.56 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त किया गया। जो गत वर्ष के सापेक्ष 8.86 प्रतिशत अधिक है। आबकारी विभाग नकली शराब के उत्पादन पर नकेल कस रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में अवैध शराब के सेवन से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। यह टीम वर्क के कारण संभव हो सका।
अभियान का दिखा असर
आबकारी, पुलिस और जिला प्रशासन के संयुक्त अभियान में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी करने वालों के 72,528 ठिकानों पर बीते माह छापे मारे गये। इस दौरान 8361 मुकदमे दर्ज करने के साथ 2.27 लाख लीटर अवैध मदिरा बरामद की गई। साथ ही 2524 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और 34 वाहनों को जब्त किया गया।
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AlcoBev Industry Worth ₹6.2 Lakh Crore, Contributes ₹4 Lakh Crore in Taxes: Read Full ISWAI Report35 प्रतिशत अधिक एथेनॉल उत्पादन
आबकारी मंत्री ने बताया कि सितंबर, 2023 तक प्रदेश में लगभग 94.82 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ। बीते वर्ष सितंबर माह तक 70.27 करोड़ लीटर एथेनाल का उत्पादन हुआ था। विभाग द्वारा इस वर्ष लगभग 35 प्रतिशत अधिक एथेनॉल का उत्पादन किया गया।

