बस्तर बोटेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड अपने स्टार्टअप में महुआ से शराब बनाने के लिए डिस्टिलरी प्लांट लगा रही है। इसके लिए लोहांडीगुड़ा ब्लॉक के धुरागांव में जगह भी चयनित किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि इसके प्लांट लगाने के लिए जल्द ही जनसुनवाई हो सकती है। इस कंपनी का काम महुआ से सिर्फ शराब बनाने का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यहां आने वाले समय में महुआ समेत यहां के जंगलों में मिलने वाली जड़ी बूटियों, दुर्लभ पौधों और महुआ के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी विकसित करना है। जिससे की बस्तर के संसाधनों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय बाजार तैयार किया जा सके। उल्लेखनीय है कि महुआ मध्य भारत के राज्यों मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सबसे लोकप्रिय है। इसमें अल्कोहल की मात्रा 17 से 22 प्रतिशत तक होती है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसे राज्य में हेरिटेज लीकर का दर्जा दिया हुआ है। वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के आदिवासी बहूल्य इलाकों में महुआ आदिवासी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है, यहां महुआ की उपलब्धता से आदिवासी समुदाय को अपने उपयोग के लिए सीमित मात्रा में महुआ की देशी शराब बनाने की छूट भी प्राप्त है। बस्तर जिलाधिकारी विजय दयाराम ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि महुआ से डिस्टिलरी लगाने के लिए एक कंपनी ने रुचि दिखाई है। इसके लिए धुरागांव में जगह का चयन किया गया है, लेकिन प्लांट को लगाने के लिए स्थानीय लोगों की सहमति जरूरी है।
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