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शराब की ओवररेटिंग पर होगी सख्ती

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने राज्यभर में शराब की दुकानों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि शराब बिक्री पर निरंतर निगरानी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ बिना ढिलाई के कार्रवाई की जाए।

उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, काकीनाडा जिले सहित राज्य के कई हिस्सों से यह शिकायतें मिली हैं कि शराब दुकानों पर तय एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। शिकायतों की समीक्षा के बाद पवन कल्याण ने स्पष्ट किया कि निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचना नियमों के खिलाफ है और इससे सरकार की छवि धूमिल होती है।

आबकारी अधिकारियों को उन्होंने निर्देश दिए कि वे फील्ड स्तर पर जांच तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि शराब विक्रेता सभी नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी स्तर पर क्यों न हों।

राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले महीने इंडियन-मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) और विदेशी शराब की सभी बोतलों की अधिकतम खुदरा कीमत में 10 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। हालांकि 99 रुपये वाली 180 एमएल की सस्ती शराब, बीयर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक (आरटीडी) उत्पादों को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है।

साथ ही बार पर लगाए गए अतिरिक्त रिटेल आबकारी कर को वापस लेने का भी फैसला किया गया था। सरकार ने खुदरा विक्रेताओं के मार्जिन में भी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। सरकार का अनुमान है कि इन फैसलों से राज्य को सालाना करीब 1,391 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जबकि अतिरिक्त कर हटने से बार मालिकों पर लगभग 340 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ कम होगा।

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