पंजाब सरकार ने आबकारी व्यवस्था में तकनीकी सुधार का बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में बिकने वाली हर शराब की बोतल पर यूनिक QR कोड लगाया जाएगा, जिससे उत्पादन से लेकर बिक्री तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला की रीयल टाइम निगरानी संभव होगी।
सरकार का मानना है कि इससे नकली और जहरीली शराब पर रोक लगेगी और एक्साइज ड्यूटी की चोरी व तस्करी पर भी नियंत्रण होगा।
दर्दनाक हादसों से मिली सीख
- मई 2025 में अमृतसर के मजीठा में जहरीली शराब से 21 लोगों की मौत।
- 2024 में संगरूर में 20+ मौतें।
नया सिस्टम कैसे काम करेगा
- प्रत्येक बोतल का QR कोड यूनिक और सुरक्षित होगा।
- आबकारी अधिकारी मोबाइल ऐप से जांच सकेंगे कि शराब कहाँ बनी, किस प्लांट से निकली और किस ठेके तक पहुँची।
- सिस्टम में बूम बैरियर, GPS लॉक और स्मार्ट लॉक जैसी तकनीकें शामिल होंगी।
- इंडियन मेड, कंट्री लिकर और इंपोर्टेड शराब सभी इस प्रणाली में शामिल होंगे।
राजस्व और व्यापारियों के लिए लाभ
- सरकार का लक्ष्य आबकारी से ₹12,500 करोड़ राजस्व जुटाना।
- मौजूदा वित्त वर्ष में आय लगभग ₹11,300 करोड़ तक पहुँच सकती है।
- छोटे व्यापारियों पर बोझ कम करने के लिए लाइसेंस ग्रुप छोटे किए जाएंगे।
- पंजाब ट्रेड कमीशन बनाया जाएगा, जिससे अनुमतियों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एक्साइज ड्यूटी और उपभोक्ता सुरक्षा
- QR कोड और बारकोड आधारित प्रणाली ई-आबकारी से लिंक रहेगी।
- नकली QR कोड या बिना अनुमति शराब की आवाजाही पर सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा।
- उपभोक्ताओं को शराब की शुद्धता और वैधता की पुष्टि आसान होगी, जिससे जहरीली शराब से होने वाली मौतों में कमी आएगी।
पंजाब सरकार का यह कदम पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है और इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है।

Chief Editor- Aabkari Times








