उत्तर प्रदेश सरकार की 2026–27 आबकारी नीति और 2026–29 अल्कोहल निर्यात नीति राज्य के शराब नियमन, राजस्व वृद्धि और उद्योग विकास के दृष्टिकोण में बड़ा बदलाव लाने जा रही है।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (सीआईएबीसी) के महानिदेशक अनंत एस. अय्यर ने कहा कि यूपी की आबकारी नीति से स्थानीय उद्योगों को अपने बाजार को विस्तारित करने में मदद मिलेगी। निर्यात प्रतिस्पर्धा में स्थानीय उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा 60 हजार करोड़ राजस्व लक्ष्य यह दर्शाता है कि सरकार आबकारी संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ उद्योग को भी प्राथमिकता दे रही है।
नीति में प्रीमियम रिटेल आउटलेट्स पर प्रीमियम और उससे ऊपर श्रेणी की भारतीय व्हिस्की की बिक्री की अनुमति को एमआरपी से अलग कर दिया गया है।
सीआईएबीसी ने कंसिडरेशन फीस में बढ़ोतरी को लेकर चिंता भी व्यक्त की है। संगठन का मानना है कि इससे उपभोक्ता सस्ते विकल्पों की ओर शिफ्ट हो सकते हैं। इससे बिक्री और राजस्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

Chief Editor- Aabkari Times








