मदिरा उद्योग राज्य सरकार के लिए राजस्व की दृष्टि से बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। मदिरा
उद्योग में टैक्स की हेराफेरी और तस्करी रोकने के लिए आबकारी विभाग बहुत अधिक सजग
रहता है। प्रदेश की मदिरा उत्पादक कंपनियां भी अपने उत्पाद की सुरक्षा को लेकर सजग रहती
हैं। परिवहन के दौरान कुछ चालक मदिरा की हेराफेरी और मिलावट भी करते रहे हैं। इससे
सरकार और मदिरा कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ जाता है। मदिरा की सुरक्षा के लिए
कंपनियां अब परिवहन वाहनों में जीपीएस ट्रैकर और एडवांस टेक्निक का प्रयोग कर रही हैं।
इससे उन्हें अपने कन्साइनमेंट की लाइव लोकेशन मिलता है। जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम की सर्विस
प्रोवाइडर कंपनी क्यूटीएस सोल्यूशंस उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में पिछले १० वर्षों से
सफलतापूर्वक डिस्टिलरियों में अपनी सर्विस दे रही है। क्यूटीएस की सर्विस को सफलतापूर्वक
दस साल पूरा होने पर आबकारी टाइम्स ने क्यूटीएस के डायरेक्टर सुरेश मिश्रा से लॉजिस्टिक
सर्विस में हो रहे नये और पुराने टेक्नोलॉजी पर एक संक्षिप्त साक्षात्कार किया ।








