इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने ‘ड्राम बेल’ व्हिस्की लॉन्च के साथ भारतीय एल्कोबेव मार्केट में इंट्री की है। व्हिस्की को आडेंट एल्कोबेव और एंगस डंडी डिस्टिलर्स के साथ साझेदारी में स्कॉटलैंड में आसुत और बोतलबंद किया जाता है, जिसका उद्देश्य भारत के उपभोक्ताओं को आकर्षित करना है। व्हिस्की की लांचिंग नवंबर माह में सबसे पहले महाराष्ट्र में हुई और जल्द ही इसके उत्तर भारत में विस्तार की उम्मीद है। पीटरसन ने भारतीय बाजार के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा कि अगर कंपनी भारत में सफल हो जाती है, तो यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। पीटरसन, जो आडेंट एल्कोबेव में भी निवेशक हैं, ने भारत में अवसर के बारे में उनका मानना है कि विभिन्न बाजारों में देश की तीव्र वृद्धि को देखते हुए भारतीय स्वाद को पूरा करने वाली प्रीमियम स्कॉच व्हिस्की पेश करने का यह सही समय है। कंपनी की योजना हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली सहित उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों को लक्षित करने की है। आने वाले वर्षों में इसके और विस्तार करने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य पहले वर्ष में लगभग 100,000 केस बेचना और भारत के प्रीमियम व्हिस्की सेगमेंट में 0.8 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है। कंपनी ने भारतीय निर्मित व्हिस्की की तुलना में ‘ड्राम बेल’ की कीमत लगभग 15 प्रतिशत अधिक रखी है, जिसका उद्देश्य मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को किफायती मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण आयातित उत्पाद खरीदने के लिए आकर्षित करना है। भविष्य में कंपनी 12 साल पुरानी व्हिस्की सहित और अधिक वैरिएंट जोड़ने की योजना बना रही है। साथ ही रम, जिन और वोदका जैसी अन्य श्रेणियों की भी उतारने की योजना बना रही है।



