आबकारी नीति 2024-25 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बार और पब को आधी रात के बाद संचालित करने पर रोक लगाने के आदेश पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया गया है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि यह नियम स्पष्ट रूप से मनमाना, भेदभावपूर्ण और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निहित संवैधानिक गारंटियों का पूरी तरह से उल्लंघन है’।
न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल की खंडपीठ के समक्ष अपनी याचिका में, डीए बोडेगा हॉस्पिटैलिटी और अन्य ने न्याय, समानता और निष्पक्ष खेल के हित में गुरुग्राम और फरीदाबाद के समान बार और पब संचालित करने की अनुमति देने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता की ओर से खंडपीठ के समक्ष पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद छिब्बर ने कहा कि वे पंचकूला में बार और पब खोलने में ‘करोड़ों रुपये की भारी राशि’ खर्च कर आतिथ्य व्यवसाय चला रहे हैं।








