आबकारी नीति २०२४-२५ में मदिरा की दुकानों का नवीनीकरण की नीति घोषित हुई थी। वर्ष २०२४-२५ के लिए नवीनीकरण के पहले चरण में ही रिकॉर्ड ९२.०५ प्रतिशत दुकानों का नवीनीकरण किया जा चुका है।

दुकानों के नवीनीकरण हेतु प्रार्थना पत्र ऑनलाइन प्रस्तुत करने की अवधि ५ जनवरी २०२४ से ११ जनवरी २०२४ तक ही इस अवधि में लाइसेंसियों द्वारा गत वर्ष की  भांति काफी उत्साह भी देखने को मिला।

आबकारी आयुक्त सेंथिल पाण्डियन सी द्वारा अवगत कराया गया है कि वर्ष २०२४ में कुल २९७६७ देशी मदिरा, विदेशी शराब, बीयर और भांग की दुकानों सहित मॉडल शॉप का व्यवस्थापन किया जाना था।

नवीनीकरण हेतु ऑनलाइन कुल २७४०२ दुकानों के लिए प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इस प्रकार २०२४-२५ हेतु ९२.०५ प्रतिशत दुकानों का नवीनीकरण अनुज्ञापियों द्वारा कराया गया है। इससे पूर्व पहले चरण में वर्ष २०२०-२१ में ८३.९०, वर्ष २०२१-२२ में ९१.५, वर्ष २०२२-२३ में ९०.६३ और वर्ष २०२३-२४ में ९३.१४ प्रतिशत व्यवस्थापन हुआ था।

इस प्रकार से प्रथम चरण में नवीनीकरण का यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस वर्ष हुआ है। नवीनीकरण के पश्चात २३६५ दुकानों का व्यवस्थापन ई- लॉटरी द्वारा कराया जायेगा।

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ई-लॉटरी में प्राप्त हुआ १४१ करोड़ का राजस्व मदिरा की दुकानों के नवीनीकरण के पश्चात प्रथम चरण का ई-लॉटरी ३० जनवरी को सम्पन्न हुआ। ई-लॉटरी के प्रथम चरण में २३६५ दुकानों का नवीनीकरण कराया जाना था। जिसमें से१०९० दुकानों का ही व्यवस्थापन हो पाया है। प्रथम चरण की ई-लॉटरी में कुल ६५२१ आवेदन प्राप्त हुए थे। जिससे राज्य सरकार को प्रोसेसिंग फीस के रूप में लगभग २६.७३ करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। दुकानों के लाइसेंस फीस आदि को मिलाकर लगभग १४१ करोड़ रुपया राज्य सरकार को प्राप्त हुए हैं। देशी मदिरा की १२०२, विदेशी मदिरा की ६७९, बीयर की २८०, भांग की २९१ तथा ६४ मॉडल शॉप के व्यवस्थापन हेतु ई-लॉटरी किया गया था। ई-लॉटरी मदेशी मदिरा की ४९५, विदेशी मदिरा की ३१२, बीयर की १८८, भांग की ७५ दुकानों तथा २० मॉडल शॉप का व्यवस्थापन हुआ है।

अवशेष १४३० दुकानों का व्यवस्थापन ई-लॉटरी के द्वितीय चरण में सम्पन्न कराया जायेगा।